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Sunday, July 25, 2021

Tourism Offers: कोरोनाकाल में पहले घूमें और बाद में पैसे चुकाएं, लेकिन इन बातों का रखें ध्यान

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नई दिल्ली. महीनों से घरों में कैद लोग घूमने के लिए बेताब हैं लेकिन कुछ को लॉकडाउन के समय पैदा ही माली किल्लत रोक भी रही है. इस मौके को भुनाने के लिए टूरिज्म कंपनियों ने खास ऑफर्स शुरू किए हैं. कोरोना काल में लोगों के पास तंगी को देखते हुए कंपनियां पहले घूमें और बाद में भुगतान करें जैसे ऑफर्स दे रही हैं.
थॉमस कुक इंडिया और एसओटीसी ट्रैवल ने लोगों को रिझाने के लिए ‘हॉलिडे फर्स्ट, पे व्हेन यू रिटर्न’ योजना शुरू की है. इसमें आप सैर-सपाटे से लौटने के बाद भुगतान कर सकते हैं. इसके लिए थॉमस कुक ने एनबीएफसी कंपनी संकाश से हाथ मिलाया है. न्यूज 18 ने अपने पाठकों के लिए ऐसे ही ऑफर्स की जानकारी एकत्रित की है. यह भी जानें कि इन ऑफर्स को लेना क्या आपके लिए फायदेमंद रहेगा?
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घूमने के लिए 1,000 रुपए से 10 लाख रुपए तक कर्ज मिलेगा
ग्राहकों को पहले थॉमस कुक या एसओटीसी ट्रैवल पर यात्रा पैकेज चुनना होगा और उसके बाद गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) संकाश पर आवेदन करना होगा. ग्राहकों की पात्रता जांचकर तय किया जाएगा कि उन्हें कितना कर्ज दिया जा सकता है. एसओटीसी ट्रैवल के मुताबिक ग्राहकों को कर्ज चुकाने की क्षमता के हिसाब से 10,000 रुपए से 10 लाख रुपए तक मंजूर किए जाते हैं.
यात्रा से लौटने के बाद अगले महीने से शुरू होती है इंस्टालमेंट
संकाश ग्राहकों से पैन, आधार, तीन महीने का बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप या कारोबारियों से दो साल का आयकर रिटर्न मांगती है. इसे देखकर कर्ज की रकम तय की जाती है. यात्रा से लौटने के बाद अगले महीने के पांचवें दिन से मासिक इंस्टालमेंट या ईएमआई शुरू हो जाती है. यदि उस तारीख से पहले ही आप पूरी रकम चुका देते हैं तो कोई ब्याज नहीं देना होगा. कर्ज की 3, 6, 9 या 12 महीने की किस्तें बन सकती हैं. ब्याज दर हर महीने 1 फीसदी रहेगी. 3 महीने के लिए 3 फीसदी और छह महीने के लिए 6 फीसदी ब्याज.
यह भी पढ़ें :   नौकरी की बात : पसंदीदा कंपनियों में काम करने के लिए गूगल अलर्ट लगाएं, जानें जॉब्स पाने के ऐसे ही बेहतरीन तरीकेसामान खरीदने या घूमने के लिए कर्ज लेना अच्छा हीं होता
फाइनेंसियल एक्सपर्ट के मुताबिक एजुकेशन और होम लोन लेना अच्छा कर्ज माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे आपका जीवन स्तर बेहतर होता है. जहां तक सामान खरीदने या घूमने की बात है तो इसके लिए कर्ज लेना अच्छा नहीं माना जाता है. संकट के इन दिनों में जो कर्ज जरूरी नहीं हो उसे तो बिल्कुल भी नहीं लें. दिल्ली के फाइनेंसियल प्लानर संकेत यादव ने न्यूज18 को बताया कि घूमने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है तो पहले इसके मायने समझे. इसका सीधा से मतलब है कि आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. यदि घूमने का प्लान हो तो पहले एक साल की रेकरिंग डिपॉजिट या सिप (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए बचत करें. फिर इस पैसे से घूमें.
स्कीम पर्सनल लोन से सस्ती है तो ही जोखिम उठाए
बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने बताया कि लोन पीरियड, इंटरेस्ट रेट आदि का पूरा ब्योरा लें. फिर, इसकी तुलना पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड से करें. यदि यह सस्ता है तो ही जोखिम उठाएं. गौरतलब है कि पर्सनल लोन पर ब्याज दर 8.95 फीसदी से शुरू होती है और 20 फीसदी तक हो सकती है. वैसे, क्रेडिट कार्ड की मासिक किस्त पर्सनल लोन के मुकाबले जल्दी चुकाई जा सकती है मगर इस पर ब्याज दर अधिक होती है.पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

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