आज इन राशि वालों को लग सकती है चोट, नीली वस्तु का दान करें

ग्रहों की स्थिति- मेष राशि में मंगल और राहु हैं। मिथुन राशि में सूर्य, बुध और शुक्र हैं। केतु तुला राशि में हैं। शनि मकर राशि में आ गए हैं। चंद्रमा के साथ विषयोग बना रहे हैं। यह प्रत्‍यक्ष विषयोग नहीं होगा क्‍योंकि शनि वक्री हैं। मीन राशि में गुरु का गोचर चल रहा है … Read more

भोलेनाथ को प्रसन्न रखने के लिए, इस दौरान न करें ये काम

भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना सावन की शुरुआत कल यानी 14 जुलाई 2022 से हो रही है। मान्यता है कि जो भक्त श्रावण मास में सच्चे मन और विधि-विधान से भोलेनाथ को पूजता है उसके सब मनोरथ पूर्ण होते हैं। लेकिन सावन में कुछ नियमों का ध्यान रखना भी बेहद आवश्यक माना गया है। हिंदू … Read more

हथेली में ये निशान भोलेनाथ की विशेष कृपा के संकेत

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के हाथ की रेखाओं और मौजूद निशानों के आधार पर उसके जीवन के बारे में बहुत कुछ जाना जा सकता है। इन रेखाओं और निशानों का प्रभाव व्यक्ति की शिक्षा, करियर, धन, वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य सभी पर पड़ता है हस्तरेखा शास्त्र में अनुसार हथेली में कुछ निशानों की मौजूदगी शुभ … Read more

सीएम योगी ने किया भोलेनाथ का रुद्राभिषेक, मानसरोवर मंदिर में

भगवान शिव की उपासना के मास, सावन मास के पहले दिन मानसरोवर मंदिर गोरखपुर में पर्यटन विकास कार्यों के लोकार्पण के पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधि विधान भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक कर लोक मंगल की कामना की प्राचीन मंदिर रामसरोवर पर सावन मास के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 लीटर गाय … Read more

सावन में लखनऊ के इन मंदिरों विशेष पूजा, जनिये रुद्राभिषेक का महत्व

भगवान शिव को समर्पित सावन माह गुरुवार से शुरू हो रहा है। सावन 14 जुलाई को शुरू होकर 12 अगस्त को समाप्त होगा। इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे बीते दो वर्षों से कोराना महामारी के चलते तमाम पाबंदियों के बीच शिव मंदिरों में भोलेनाथ की आराधना कर पा रहे थे इस बार बड़ी … Read more

सावन में ग्रहों का उत्तम योग, भोलेनाथ इन राशियों पर रहेंगे मेहरबान

भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने एवं आशीर्वाद प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम माह के रूप में श्रावण माह को जाना जाता है। इस वर्ष श्रावण मास 14 जुलाई 2022 दिन गुरुवार को आरंभ होगा।  श्रावण मास का आरंभ बृहस्पतिवार को आरंभ हो रहा है। प्रथम पक्ष में तीन गुरुवार एवं द्वितीय पक्ष में तीन शुक्रवार होने के कारण … Read more