SEBI ने ज्यादा रिस्क के साथ ज्यादा फायदे वाले छोटू PMS के लिए जारी की गाइडलाइंस, रिटेल निवेशक भी कर सकेंगे निवेश – sebi issued guidelines for small pms which have higher returns but higher risk

 

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने छोटे PMS यानी स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SPECIALIZED INVESTMENT FUNDS) के बारे में गाइडलाइंस जारी की है। इन गाइड लाइंस को तहत अब हर AMC 7 स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स लॉन्च कर सकेगीं। इनमें से 3 इक्विटी, दो डेट और दो हाइब्रिड SIF हो सकते हैं। इनमें उनको कम से कम 10 लाख रुपये का निवेश करना होगा।

इन छोटे पीएमएस में निवेश की सीमा घटा कर 10 लाख रुपए करने से अब इनमें रिटेल निवेशक भी पैसे लगा सकेंगे। ये सेबी की तरफ से उठाया गया अच्छा कदम है। इसके चलते आगे हमें एएमसी शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।फंड मैनेजर F&O में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों तरह की पोजिशन ले सकेंगे और 25 फीसदी पोजिशन अनहेज्ड रख सकते हैं।

फंड मैनेजर F&O में लॉन्ग शॉर्ट दोनों पोजिशन ले सकेगा। डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में 25 फीसद अनहेज्ड शॉर्ट पोजिशन संभव। इसमें इक्विटी में डेली औरडेट में वीकली रीडेंप्शन हो सकेगा। हाइब्रिड में दो हफ्ते में रीडेंप्शन संभव है। सभी क्लोज्ड SIF स्कीम लिस्ट होंगे। लिस्टिंग से निवशकों को EXIT ऑप्शन मिलेगा।

 

बता दें कि दिसंबर में सेबी ने पोर्टफोलियो मैनेजमेंट (PMS) और म्यूचुअल फंड्स के बीच एक नए एसेट क्लास को नोटिफाई किया था और इसे Specialized Investment Fund’ (SIF) कहा था। SEBI के अनुसार म्यूचुअल फंड (MF) और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के बीच की खाई को पाटने के उद्देश्य से इस निवेश प्रोडक्ट, स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIF) की नई कैटेगरी के लिए एक फ्रेमवर्क जारी किया गया है। यह नया फ्रेमवर्क 1 अप्रैल, 2025 से लागू होने के लिए तैयार है।

सेबी ने इंडस्ट्री बॉडी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) को 31 मार्च, 2025 तक इस बारें में दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया है, जबकि स्टॉक एक्सचेंज, क्लियरिंग कॉरपोरेशन और डिपॉजिटरी को इस सर्कुलर के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने और सिस्टम स्थापित करने के लिए कहा गया है।

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सेबी ने इंडस्ट्री बॉडी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) को 31 मार्च, 2025 तक इस बारें में दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया है।

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