Bhojpuri: भारत खातिर घर के सवांग नियर रहले ह अनिरुद्ध जगन्नाथ

Bhojpuri: भारत खातिर घर के सवांग नियर रहले ह अनिरुद्ध जगन्नाथ

मॉरिशस में हिंदी आ भोजपुरी के सम्मान दियावे वाला ई बलिया के बेटा हरमेशा खातिर एह संसार छोड़ि के चलि गइल. प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के पिता अनिरुद्ध जगन्नाथ अपना पुरखन के पीढ़ी खोजे में कौनो कोर कसर ना छोड़ले. बलिया से मॉरिशस पहुंचि के उनुकर पिता जी अपना साथी मजदूरन के संगे मिलि के एगो अइसन देश गढ़ल लोग जौन हरमेसा भारत आ भारतीय लोग के प्रेम से ओतप्रोत रही.

समूचा देश मारीशस के पूर्व प्रधानमंत्री आ पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ (जन्म: 29 मार्च 1930 मृत्यु: 3 जून 2021) के निधन से दुखी बा. उनुका मृत्यु के समाचार पा के बलिया के लोग बिसेस रूप से दुखी बा. एसे कि अनिरुद्ध जगन्नाथ के पूर्वज उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के के रसड़ा थाना इलाका के अठिलपुरा गांव के निवासी रहल ह लोग. उनकर पिता विदेशी यादव आ चाचा झुलई यादव के तत्कालीन अंग्रेज सरकार सन 1873 में गिरमिटिया मजदूर के रूप में ऊंख (गन्ना) के खेती करे खातिर जहाज से मॉरीशस भेजले रहे. आज ई परिवार मॉरिशस के सबसे प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार के रूप में जानल जाला.
मॉरिशस में हिंदी आ भोजपुरी के सम्मान दियावे वाला ई बलिया के बेटा हरमेशा खातिर एह संसार छोड़ि के चलि गइल. प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के पिता अनिरुद्ध जगन्नाथ अपना पुरखन के पीढ़ी खोजे में कौनो कोर कसर ना छोड़ले. बलिया से मॉरिशस पहुंचि के उनुकर पिता जी अपना साथी मजदूरन के संगे मिलि के एगो अइसन देश गढ़ल लोग जौन हरमेसा भारत आ भारतीय लोग के प्रेम से ओतप्रोत रही. अनिरुद्ध जगन्नाथ के “प्रथम प्रवासी भारतीय सम्मान” मिलल रहल ह. अनिरुद्ध जगन्नाथ के खूबी रहल ह कि जब भी रउवां उनुका से भोजपुरी बोलब त उनकरा चेहरा पर चमक आ जात रहल ह आ खुदे भोजपुरी में बतियावे लागत रहले ह.
अनिरुद्ध जगन्नाथ मॉरिशस में पहिले मूवमेंट सोशलिस्ट मिलिटेंट पार्टी के नेता रहले. पहिली बार 1963 में सांसद बनले. एकरा बाद ऊ सन 1965 में ऑल मॉरिशस हिंदू कांग्रेस के सदस्य बनले.
सन् 1965-66 में शिवसागर रामगुलाम के सरकार में ऊ विकास राज्य मंत्री रहले आ अपना काबिलियत के कारन साले भर में नवंबर 1966 में श्रम मंत्री बना दिहल गइले. अनिरुद्ध जगन्नाथ 1970 में मूवमेंट मिलिटेंट मॉरिसिअन में शामिल हो गइले आ बाद में एही दल के नेता बनले. सन 1976 में जब चुनाव में ऊ जीत गइले त उनका के विपक्ष के नेता बनावल गइल. सन 1982 में अनिरुद्ध जगन्नाथ भारी जीत के साथे प्रधानमंत्री बनि गइले. उनकर सरकार देश के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक आ राजनीतिक ढांचा के बदले खातिर काम शुरू क दिहलस बाकिर नौ महीना का भीतर उनुकर सरकार गिर गइल. एकरा बाद 20 अगस्त 1983 के मॉरीशस में फेर चुनाव भइल जौना में अनिरुद्ध जगन्नाथ के पार्टी फेर जीति गइल. अबकी बार ऊ मॉरीशस के औद्यौगीकरण के तरफ ले जाए लगले. सन 1985 में नशीला दवाइयन के तस्करी में सांसद लोगन के पकड़इला के कारण अनिरुद्ध जगन्नाथ सरकार भंग क दिहले. फेर 30 अगस्त 1987 के देश में आम चुनाव भइल. एहू चुनाव में अनिरुद्ध जगन्नाथ के पार्टी भारी वोट ले जीतल. त अनिरुद्ध जगन्नाथ के लोकप्रियता के बारे में एही से अंदाज लगावल जा सकेला.अब आईं तनीं गिरमिटिया शब्द के मूल में चलीं जा. तत्कालीन अंग्रेज सरकार सस्ता मजदूरी खातिर भारत के मजदूरन के मॉरीशस ले गइल. सन 1834 से शुरू ई प्रथा 12 मार्च 1917 के कानूनन बंद हो गइल. गिरमिटिया असल में अंग्रेजी शब्द एग्रीमेंट के अपभ्रंश ह. अंग्रेज मजदूरन के भर्ती के घरी एगो एग्रीमेंट करत रहे लोग जौना में मजदूरन के सेवा अवधि 5 बरिस, मजदूरी के धनराशि के साथे-साथे वापसी खातिर जहाज के टिकट के प्रावधान रहे. बाकिर आखिरी एग्रीमेंट के खतम भइला पर एह गिरमिटिया लोगन के ओही जा रहे के परल. मॉरीशस के आजादी के लड़ाई में अनिरुद्ध जगन्नाथ के प्रमुख योगदान रहे. आंदोलन के अगुवाई शिवसागर रामगुलाम करसु. अनिरुद्ध जगन्नाथ आजादी के लड़ाई में मजबूत स्तंभ के रूप में उभरि के आ गइले. इतिहास में झांकला पर पता चलता कि पहिले मॉरीशस पर फ्रांस के कब्जा रहे. ब्रिटेन सन 1810 में फ्रांस के हराके मॉरीशस पर कब्जा क लिहलस. ओइजा सन 1825 से ही संवैधानिक सुधार होखे लागल. बाकिर 1948 तक एह गिरमिटियन के वोट देबे के अधिकार बहुते सीमित रहे. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब संयुक्त राष्ट्र संघ बनल त ऊ प्रस्ताव पारित कके औपनिवेशिक शासन खतम करेके बात कहलस. बाकिर मारीशस पर ब्रिटेन के कब्जा अबो ना हटल.
सन 1965 में ब्रिटिश शासन चुनाव के प्रावधान में फेर सुधार कइलस. तब 18 वर्ष के उमिर के सभ लोगन के वोट देबे के अधिकार मिलि गइल. ब्रिटिश सरकार मॉरीशस के समाज के चार समुदाय- हिंदू, मुस्लिम, चीनी आ सामान्य के श्रेणी में बांट दिहलस. अंग्रेज एगो अउरी काम कइल लोग. कहल लोग कि 1967 के चुनाव में जौन पार्टी जीती ओकरा मांग के आधार पर मॉरीशस के स्वतंत्र करे भा ब्रिटेन के साथ रहे के विकल्प दियाई. एक तरह से ई चुनाव मॉरीशस के आजादी खातिर जनमत संग्रह नियर रहे. त मॉरीशस के आजादी के रास्ता साफ हो गइल. महात्मा गांधी से प्रभावित शिव सागर रामगुलाम के लेबर पार्टी जीतल आ रामगुलाम मॉरीशस के आजादी के तारीख 12 मार्च 1968 चुनले. ई 12 मार्च उहे तारीख ह जहिया गांधी जी दांडी यात्रा शुरू कइले रहले. मारीशस में 70 प्रतिशत आबादी भारतीय लोगन के बा.
मॉरिशस 1968 में आजाद भइल, बाकिर पिछला 53 बरिस में ओइजा जे भी प्रधानमंत्री बनल, ऊ कौनो ना कौनो भारतवंशी रहल बा. अनिरुद्ध जगन्नाथ के बियाह सरोजिनी बल्लाह से 18 दिसंबर 1957 में भइल रहे. उनकरा दू गो संतान बा: बेटा प्रविंद आ बेटी शालिनी. बेटा प्रविंद मिलिटेंट समाजवादी आंदोलन पार्टी ( Militant Socialist Movement party ) के नेता हउवन आ उनकर बियाह कबिता रामदानी से भइल बा. अनिरुद्ध जगन्नाथ के बेटी शालिनी भी विवाहित बाड़ी. अनिरुद्ध जगन्नाथ के पांचि गो नाती- पोता बा लोग- अनुषा, दिव्या, सोनिका, सोनाली आ सारा. आज अनिरुद्ध जगन्नाथ एह संसार में नइखन, बाकिर भारत के प्रति उनुकर प्रेम आ आदर हरमेशा याद राखल जाई. बलिया के लोग समूचा देश के लोगन का संगे मिलिके उनुका पर गर्व करी. सरधा करी. (लेखक विनय बिहारी सिंह वरिष्ठ स्तंभकार  हैं. यह उनके निजी विचार हैं.)

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