पोस्‍ट ऑफिस: सैकड़ों साइलेंट खातों से 92 लाख उड़ाने की जांच

साइलेंट खाते यानी ऐसे खाते जिनसे लम्‍बे से जमा-निकासी न हो रही हो। पोस्‍ट ऑफिस के ऐसे तमाम खातों में लाखों जमा हैं

गोरखपुर के प्रधान डाकघर समेत तीन उप डाकघरों के सैकड़ों साइलेंट खातों से 92 लाख उड़ाने की जांच अभी चल रही थी कि एक और डाकघर के पेंशन खाते से 8 लाख उड़ाने का मामला सामने आया है

अब पीएमजी ने एसएसपी डाक से इस नए प्रकरण पर रिपोर्ट मांगी है। अब जिम्मेदार अधिकारी एसपीएम व लिपिक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी कर रहे है। प्रधान डाकघर, विश्वविद्यालय और कूड़ाघाट डाकघर के सैकड़ों साइलेंट खाते को सक्रिय कर लिपिकों ने 92 लाख रुपये का घालमेल कर दिया

मामला पकड़ में आने के बाद एसएसपी डाक ने लिपिकों के खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई की। सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा में कैण्ट थाने में मुकदमा भी दर्ज करा दिया। खातों की जांच चलती रही। विभागीय जानकारों के मुताबिक जांच के दौरान आरोग्य मन्दिर शाखा से भी 8 लाख रुपये निकासी का मामला सामने आया। इसमें सहजनवा क्षेत्र के एक पेंशनर की मौत करीब चार साल पहले हो गई थी

जांच पड़ताल में मामले की पुष्टि हुई। टीम ने शनिवार को एसपीएम व लिपिक का बयान दर्ज किया पीएमजी ने प्रवर डाक अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। अब अधिकारी आरोपियों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे है

पीएमजी ने गठित की स्पेशल जांच टीम-

पीएमजी ने सभी पेंशन खातों की जांच करने को स्पेशल टीम गठित की है। इसमें आस-पास के जनपदों के तेज-तर्रार इंसपेंक्टर व अधिकारी शामिल किया गया है। इस टीम ने मंगलवार को विश्वविद्यालय डाकघर की जांच की प्रधान डाकघर के पेंशन खातों की जांच की। टीम की ओर से यह जांच अभी आगे भी जारी रहेगी

सात हजार पेंशन खातों की जांच करेगी टीम-

पीएमजी की स्पेशल टीम ने अलग-अलग डाकघरों में 7 हजार पेंशन खातों की जांच शुरू कर दी है। इन सभी खातों की जांच कर यह जानने का प्रयास करेगी की कौन सा खाता कब खुला, कब बंद हुआ, कहां से कहा निकासी हुई

जिन खातों में अब तक केवाईसी नहीं हुई है। उन खातों को टीम फ्रीज कर रही है। वहीं प्रवर डाक अधीक्षक मनीष कुमार का कहना है कि आरोग्य मन्दिर शाखा में हुए घालमेंल की जांच की जा रही है। रिपोर्ट मिलने पर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी

आरोग्य मन्दिर डाकघर में साइलेंट खाते को सक्रिय कर 8 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। एसएसपी डाक के नेतृत्व में टीम जांच कर रही है। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई व एफआईआर की जाएगी।