मर्दानगी साबित करने के लिए यहां जान की बाजी लगाते हैं लड़के, शादी के लिए शेर से करते हैं खूनी जंग!

मर्दानगी साबित करने के लिए यहां जान की बाजी लगाते हैं लड़के, शादी के लिए शेर से करते हैं खूनी जंग!

दुनिया में तरह-तरह की परंपराएं (Weird Traditions Around The World) मौजूद हैं. इनमें से कुछ हमें हंसाने वाली हैं तो कुछ ऐसी, जिनके बारे में सुनकर ही होश उड़ जाएं. एक ऐसी ही परंपरा है अफ्रीका की मसाई जनजाति (African Maasai Tribes) में. इस जनजाति के नए-नए जवान हुए लड़कों को अपनी मर्दानगी साबित करनी पड़ती है. इस मर्दानगी को साबित करने के लिए उन्हें अपना युद्ध कौशल (African Maasai fight with lion) किसी और नहीं बल्कि सीधे के जंगल के राजा से दिखाना होता था.हो सकता है आपको इस बात का भरोसा भी न हो, लेकिन ये सच है कि मसाई जनजाति के नौजवानों को मर्दानगी (Competition to Show Manhood) साबित करने के लिए शेर से पंगा लेना पड़ता था. इतना ही नहीं, उस शेर को ज़िंदा या मुर्दा अपने साथ लाने के बाद ही ये तय होता था कि लड़का कितना बहादुर है. ऐसा करने वालों को इस जनजाति (African Maasai Tribes) में काफी सम्मान की नज़र से देखा जाता है. मसाई मारन जनजाति के लोगों के लिए ये परंपरा (Weird Traditions Around The World) बेहद अहम थी, क्योंकि ये युद्धकला में निपुण माने जाते हैं और इनको हराना आम लोगों के बस की बात नहीं है.मर्द हो तो शेर को मारकर दिखाओ
इस अनोखी परंपरा (Tradition of Killing Lion to proof Manhood) के तहत जवान होते लड़के को पूरे समुदाय के सामने अपनी मर्दानगी साबित करनी पड़ती थी. इसके लिए उसे एक रात जंगल में अकेले ही गुजारनी होती थी और शेर के मुंह से उसका निवाला छीनकर अपनी युद्धकला दिखानी होती थी. केन्या में रहने वाली मसाई मारन जनजाति के मर्दों को ये सब करना पड़ता था, वरना उनके समुदाय में उनकी बेइज्ज़ती होती थी. रिवाज़ के तहत शेर से लड़ाई करके उसे या तो मार गिराना होता था या फिर घायल करके लाना होता था. जो भी ऐसा करता था, उसे मर्द माना जाता था और शादी के लिए वो तैयार होता था. ऐसे मर्दों का समाज में सम्मान भी रहता था और उन्हें कुछ अलग सुविधाएं भी दी जाती थीं. शेरों की घटती संख्या देखने के बाद अब इस परंपरा में बदलाव किया गया है. (Credit- Ben Curtis/AP)ये भी पढ़ें- दुनिया का इकलौता ऐसा देश, जहां लगती है दुल्हन की मंडी, पैसे देकर पसंद की बीवी खरीदते हैं लोगशेरों की घटती संख्या के बाद बदला रिवाज़
मसाई मारन जनजाति लड़ाका होती है. हालांकि दुनिया में शेरों की घटती जनसंख्या के बारे में जब उन्हें समझाया गया तो अब उनका ये रिवाज़ वैसा नहीं रहा. हां, मर्दानगी आज भी मसाई मारन जनजाति के सड़कों को साबित करनी ही होती है. फर्क बस इतना है कि अब वो इसके लिए मसाई ओलंपिक जैसी चीज़ों में शामिल होते हैं. अब प्रतियोगिता सबसे तेज़ दौड़ने, भाला फेंकने और ऊंची कूद जैसी चीज़ों के लिए होती है. ओलंपिक में मिलने वाले इनाम से मसाई युवा अपनी पढ़ाई और सपने पूरे करते हैं. अब वे रेस में अपना नाम दुनिया में सबसे ऊपर लाना चाहते हैं.पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

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