आपने देखीं मंगल ग्रह के सतरंगी बादलों की खूबसूरत तस्वीरें? NASA के रोवर ने भेजा तोहफ़ा

आपने देखीं मंगल ग्रह के सतरंगी बादलों की खूबसूरत तस्वीरें? NASA के रोवर ने भेजा तोहफ़ा

आपने देखीं मंगल ग्रह के सतरंगी बादलों की खूबसूरत तस्वीरें? NASA के रोवर ने भेजा तोहफ़ा

मंगल ग्रह पर दिखे बादल (Photo Credit- NASA/JPL-Caltech)

पृथ्वी पर रहने वाले इंसानों की दिलचस्पी हमेशा ही अंतरिक्ष के उन रहस्यों को जानने में रही है, जो हम देख नहीं पा रहे. इस दिशा में मंगल ग्रह (MARS) पर जब नासा (NASA) का क्यूरियोसिटी रोवर (NASA Curiosity Rover) पहुंचा तो हमने बहुत सी ऐसी चीज़ों को जाना, जो मार्स को लेकर पहने नहीं पता था. अब ऐसी ही एक और कमाल की चीज़ क्यूरोसिटी रोवर ने धरती पर भेजी है, जिसे देखकर वैज्ञानिक भी हैरत में हैं –

मंगल ग्रह पर दो साल का वक्त बिताने के बाद नासा के क्यूरोसिटी रोवर (NASA Curiosity Rover)ने एक ऐसी तस्वीर कैप्चर की है, जिसे देखकर साइंटिस्ट काफी खुश हैं. दरअसल ये तस्वीर मंगल ग्रह (MARS) के वायुमंडल में तैर रहे बादलों की है. अब तक माना जा रहा था कि इतने पतले वायुमंडल पर बादलों (Cloud on MARS) का निर्माण नामुमकिन है लेकिन ये तस्वीर इस दिशा में कदम बढ़ाने वाली है. (Photo Credit- NASA/JPL-Caltech)
वैज्ञानिक इस तस्वीर पर स्टडी कर रहे हैं. मंगल ग्रह के ऊपर बादलों का समय से पहले आने को लेकर स्टडी चल रही है. मार्स पर बादलों का निर्माण (Cloud on MARS) उसकी भूमध्यरेखा के ऊपर सर्दियों के समय पर होता है. मार्स पर जब सबसे ठंडा वक्त होता है, तभी बादल दिखते हैं. चूंकि ये समय न सर्दियों का है न वहां ठंड है. नासा के वैज्ञानिक जनवरी के अंत से बादलों पर रिसर्च शुरू कर चुके हैं क्योंकि ये समय ही बादल देखे जाने के लिए आम होता है. (Photo Credit- NASA/JPL-Caltech)
क्यूरियोसिटी रोवर (NASA Curiosity Rover) से ली गई तस्वीरों में बादल काफी पतले दिखाई दे रहे हैं. इनमें बर्फ के महीन क्रिस्टल्स भी मौजूद हैं. इन क्रिस्टल्स पर जब सूर्य की रोशनी पड़ रही है तो ये परावर्तित होकर सतरंगी उजाला पैदा कर रहे हैं. मंगल ग्रह के ये बादल इंद्रधनुषी रंग के बेहद खूबसूरत दिखाई दे रहे हैं. (Photo Credit- NASA/JPL-Caltech) स्टडी के बाद ही ये पता चल सकेगा कि बादल पानी से बने हैं या ड्राइ आइस से. बादलों की तस्वीर क्यूरियोसिटी रोवर के ब्लैक एंड व्हाइट नेविगेशन कैमरा ने भी ली है. जबकि जो रंगीन बादल दिख रहे हैं, वो तस्वीरें मास्ट कैम से ली गई हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक बादल सूरज ढलने के तुरंत बाद दिखाई दिए हैं. (Photo Credit- NASA/JPL-Caltech)
इन बादलों की तस्वीरों से वैज्ञानिकों को खोज का नया आधार मिला है. ये मार्स (MARS) की सतह से काफी ज्यादा ऊपर हैं. आम तौर पर बादल 60 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर दिखते हैं लेकिन ये बादल बहुत ऊंचाई पर हैं. माना जा रहा है कि बादलों के बनने की वजह कार्बन डाइ ऑक्साइड का जमना है. (Photo Credit- NASA/JPL-Caltech)
क्यूरियोसिटी रोवर मार्स NASA Curiosity Rover) पर नासा ने साल 2012 में भेजा था. इसे मार्स पर यह पता लगाने के लिए भेजा गया था कि वहां जीवन की संभावनाएं हैं या नहीं . साफ शब्दों में इसका मिशन मंगल ग्रह पर बसने की उम्मीदें तलाशना है.

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